बुढ्ढा सरदार

11 फरवरी

कुछ दोस्तों ने दिल्ली घूमने का प्रोग्राम बनाया और दिल्ली रेलवे स्टेशन से बाहर निकलकर एक टेक्सी किराए पर ली ।  उस टेक्सी का चालक एक बुढ्ढा सरदार था । टेक्सी में सफर करने के दौरान उन लडकों को मस्ती सूझी और उन्हों ने सरदार पर बने जोक्स कहने शुरू कर दिये ताकि टेक्सी ड्राइवर चिढकर अपनी कुछ प्रतिक्रिया दे । लेकिन वह बुढ्ढा सरदार न तो चिढा और न ही उस ने कोई प्रतिक्रिया ही दी । वह तो उनके साथ हर जोक पर हंसता रहा । जब वे लडके दिल्ली-दर्शन कर वापस रेलवे स्टेशन आये…और तय किया किराया उस सरदार को चुकाया, तब बुढ्ढा सरदार बोला,” बच्चो ठहरो । मैं आप सब को कुछ देना चाहता हूं और यह कह उस ने हर लडके को अपनी और से एक एक रूपया हाथ में थमा दिया । हैरत से एक लड़का बोला “बाबा जी हम सुबह से आपके धर्म पर जोक्स मार रहे है , आप गुस्सा तो दूर पर हर जोक में हमारे साथ हँस रहे थे , और जब ये यात्रा पूरी हो गई तब आप हमें  प्यार से एक रुपीया भी दे रहे हो..!! क्यों ?

बुढ्ढा सरदार ने उत्तर दिया” बच्चो आप अभी जवान हो आपका नया खून है आप मस्ती नहीं करोगे तो कौन करेगा ? लेकिन मैं ने आपको एक-एक रूपया इसलिए दिया कि जब वापस आप अपने अपने शहर जाओगे तब ये रूपया आप उस सरदार को दे देना जो रास्ते में भीख मांग रहा हो ।”

इस बात को दो साल बीत गए हैं । उन लडकों के पास वह एक रुपये का सिक्का आज भी ज्यों का त्यों जेब में पड़ा है ; उन्हें कोई सरदार भीख मांगता नहीं दिखा । क्योंकि हम जानते हैं कि सरदार  गैरेज खोलेगा । ट्रक चलाएगा । लेकिन भीख नहीं माँगेगा ।

उनकी आबादी देश की आबादी की मात्र 1.4% हैं पर टोटल टैक्स में उनका हिस्सा 35% का हैं,..!! सेना में भी 50000 से भी अधिक हैं । उनके गुरुद्वारों में लंगरों में खाना खाने वालो की जाति या  धर्म नहीं पूछे जाते । वे अल्पसंख्यक हैं पर अपने लिए आरक्षण नहीं माँगते..!! उन्हों ने स्वंत्रता के आन्दोलन में सबसे अधिक अपने बेटो को खोया हैं पर कभी बदले में कुछ माँगा नहीं । क्या उनसे हमें कुछ सीखना नहीं चाहिये ?

Our Sikhs Brother contribute:-
* 35% of total income tax
* 67% of total charities
* 45% of Indian Army
* 59,000++ Gurudwaras serve
LANGAR to 5,900,000+ people
everyday !

आज से कान पकड कर एक प्रण लें कि किसी भी सरदार पर भद्दे जोक्स नहीं कहेंगे और ना ही सुनेंगे । जोक्स कहने से पहले एक बार ये जरुर सोच लेना कि देश के लिए अपनी जवानी को दावं पर लगा देने वाले शाहिद भगत सिंह भी एक सरदार थे….

हमें तो हमारे इन भाईयों पर नाज होना चाहिये…..

कुछ भी बोलने से पहले एक बार जरुर सोच लें….

कमलेश अग्रवाल

 

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4 Responses to “बुढ्ढा सरदार”

  1. Jayesh B.Vyas फ़रवरी 13, 2013 at 7:07 पूर्वाह्न #

    Excellent.I like your message. I am proud that though I am a mimicry artist I have nighther

    made jokes for Sardarji nor spoke to the audience

  2. mahatammishra फ़रवरी 26, 2013 at 7:05 पूर्वाह्न #

    मनुष्य का विचार महान होता है जो किसी जाति-धर्म से परे का होता है, किसी भी रूप में सफलता का ही वर्णन होता है अत: जो सफल हैं वें लोगों के जुबान पर हैं ……

  3. kamlesh फ़रवरी 27, 2013 at 7:06 पूर्वाह्न #

    Mishraji,
    You are right….

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